Gunjan Agrawal वो लड़की "सांझ" के अस्तित्व में, "रात" का बड़ी शिद्दत से इंतजार कर रही थी.. ताकि वह अपने चांद को निहार सके, जो उससे मीलों दूर अपनी ही दुनियां में मग्न था..!!! गुंजन शिशिर