मानसी ( somdalal ) Mansi " जाने क्यूँ खोल देती हैं ये राज , क्यूँ परदे में रहती नहीं ये बात ,, इन आँखो की चालाकिया तो देखिये , बडी अडानी बनकर भी एक हसीन महफिल सजा देती हैं खूब !!