Naina Mehta बीता हुआ साल कोई बोझ नहीं, एक संकेत है। जो छूटा, वह रास्ता था। जो बचा, वही रोशनी है। अंत नहीं आया, बस नज़र बदलने का समय है। शुभ प्रभात।