बदायूं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार में पारदर्शिता लाने के लिए लागू आधार केवाईसी, पोषण ट्रैकर ऐप और फेस ऑथेंटिकेशन व्यवस्था अब भ्रष्टाचार का जरिया बनती दिख रही है। जिले में लाभार्थियों का वीडियो बनाकर टीएचआर वितरण दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविक राशन की आपूर्ति में गड़बड़ी की जा रही है। शासन की सख्ती के बावजूद पोषण आहार की चोरी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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