Pooja Tiwari
लोग नमक लिए फिरते हैं हाँथों में,
सोच कर यही ज़ख्मों की नुमाईश नहीं की।
वो हमदर्द कभी दवा कर भी सकता था,
जब भी बताना चाहा होंठों ने जुम्बिश नहीं की।
देती रही दुआएं उसको उम्र भर के लिए,
सामने मगर उसके कभी सिताइश नहीं की।
खिजां में फुल खिल भी सकते थे ‘पूजा’,
शिद्दत से मगर बहारों से गुज़ारिश नहीं की।।
#पूजा 🫰🥀
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