Pushpa Pathak सूर्य भगवान की डोली जब नभ में धीरे-धीरे चलती है,धरती का हर कण उनके स्पर्श से जीवन से भर उठती है।स्वर्णिम डोली की आभा जब संसार पर बरसती है अंधकार मिटाकर प्रभु आशा की किरणें बरसाते हैं। ओम सूर्य देवाय नमः