
Ravina Mishra
चोर की दाढ़ी में तिनका मत खोजिए
दाढ़ी तिनके की है यह बात सोचिए।
चोरों की सीनाजोरी खुलेआम है
न्याय नौ दो ग्यारह है यह सोचिए।
फेर निन्यानवे में लड़कपन पड़ा
कैसा होगा युवा गौर से सोचिए।
तीन तेरह करें नककटे मस्त हों
मुल्क की नाक कैसे बचे सोचिए।
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