वैदिक पंचांग के अध्ययन के उपरांत ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा बताते हैं चंद्र ग्रहण के बाद अब सबकी नजर सूर्य ग्रहण पर बनी हुई है, जो 21 सितंबर को लगने वाला है। इस दिन यह ग्रहण रात्रि 11:22 से 3:24 तक रहेगा। हालांकि, इसे भारत में नहीं देखा जाएगा, इसलिए इससे पहले लगने वाला सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। लेकिन ज्योतिषियों की मानें तो सूर्य ग्रहण बुध की राशि कन्या और सूर्य के नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी में घटित होगा। इसके अलावा ग्रहण के समय सूर्य स्वयं कन्या राशि में गोचर करेंगे। ऐसे में साल के दूसरे ग्रहण का ज्योतिष महत्व अधिक रहेगा। ऐसी स्थिति में सूर्य मंत्र का जाप श्रेष्ठ रहेगा।
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