Gunjan Agrawal
याद है तुम्हें जब हम मिले थे तो किस तरह हमारे हाथों ने एक दूसरे को थामा था,बहुत ही खूबसूरत पल थे वो जब हम भीड़ में भी सिर्फ एक दूसरे में ही कहीं गुम थे बिना किसी की परवाह किए,तुम्हारी हथेलियोंकी गर्माहट,मेरा सुकून और न जाने कितना कुछ..याद है न?
गुंजन शिशिर
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