Laxmi Singh कौवा कोयल की आवाज़ को तो दबा सकता है लेकिन खुद की आवाज़ मधुर नहीं बना सकती है उसी तरह निन्दा करने वाला व्यक्ति सज्जन को बदनाम कर सकतें है मगर खुद सज्जन नहीं बन सकते है...