आज अगर तुम रुक जाओगे,
कहो कहां मंजिल पाओगे ।
धरती पल पल चलती रहती,
जीवन में दिन रात है करती।
तुमको भी कुछ करना होगा,
पल पल आगे बढ़ना होगा ।
सूरज सा चमक चमक कर,
जग को रोशन करना होगा।
व्यर्थ नहीं तुम इतना सोचो,
उठो भाग कर मंजिल छू लो।
आज अगर तुम रुक जाओगे,
कहो कहां मंजिल पाओगे ।
प्रियंका विवेक सिंह
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