उझानी बदांयू 17 जून। भाजपा की डबल इंजन सरकार जहां पूरे देश में सेवा सुशासन का 11 वां साल अमृत काल, स्वर्णिम काल के रूप में मना रही हैं। वहीं उझानी के सरकारी अस्पताल का खुलने का समय 8 बजे होने के बाद भी 9.30 तक ओपीडी खाली नजर आती है मरीजों को इंतजार करने के बाद ही दवाईयां नसीब होती है।

हद तो तब हो गई कि इमरजेंसी में भी कोई नजर नहीं आता। फोटो खींचते वक्त किसी ने अधीक्षक को फोन किया तो उन्होंने अपने कक्ष में ही मरीजों को देखकर दवाऐं लिखनी शुरू कर दी।

बताते चलें कि सरकार सरकारी अस्पतालों में गरीबों की सुविधा को प्रदेश के अस्पतालों में जांच से लेकर दवाईयों की भी उचित व्यवस्था करने का दावा करती है, मगर तैनात चिकित्सक उसमें पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। आज उझानी सीएचसी की ओपीडी में डाॅ आकांक्षा व डॉ हिना सफदर की ड्यूटी थी। मगर वह 9 बजे तक नहीं आई। मरीज़ इधर-उधर भटकते रहे।

यह ड्यूटी पर मुस्तैद मिले -डाॅ प्रभाकर मिश्रा,डाॅ काजल यादव, फार्मेसिस्ट रीता साहू,लेब टेक्नीशियन सुरेन्द्र कुमार, उसके बाद ज्यादातर 9 बजे के बाद ही आऐ।

9 बजे के बाद अन्य चिकित्सक लेट आने की वजह से अधीक्षक डॉ राजकुमार गंगवार ने डॉक्टरों के इंतजार में बैठे मरीजों को देखना शुरू किया। तब जाकर मरीज दवा लेकर अपने घरों को गये।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com
