मानसी ( somdalal ) Mansi ” जाने क्यूँ खोल देती हैं ये राज , क्यूँ परदे में रहती नहीं ये बात ,, इन आँखो की चालाकिया तो देखिये , बडी अडानी बनकर भी एक हसीन महफिल सजा देती हैं खूब !!
Read More »अज़ब सी जंग – arpita singh
अर्पिता सिंह एक अज़ब सी जंग छिड़ी है, इस तन्हाई के आलम मेँ 🥀 आँखे कहती है की सोने दे, और दिल कहता है की रोने दे….❣️
Read More »कह नहीं पाए- BiNi ShaKha
BiNi ShaKha पढ़ सको तो पढ़ लो, “ख्वाहिश” इन आंखों की…, लिखा इनमें वो भी है, जो हम कह नहीं पाए…!!✨
Read More »स्वीकार करने की हिम्मत- Pushpa
Pushpa स्वीकार करने की हिम्मत और सुधार करने की नीयत हो तो इंसान बहुत कुछ सीख सकता है।
Read More »जितना गुजरा – Anyra
Anyra जितना गुजरा अच्छा गुजरा वक़्त तुम्हारे साथ, अब एक अच्छी याद हो तुम, कहना तो बहुत कुछ था , परन्तु अब और कुछ नहीं, अब आजाद तुम…!!
Read More »दर्द हो – arpita singh
🌿अर्पिता सिंह_❣️ दर्द हो दिल में तो दवा कीजिए , दिल ही जब दर्द हो तो क्या कीजिए…❣️
Read More »वो लड़की- Gunjan Agrawal
Gunjan Agrawal वो लड़की “सांझ” के अस्तित्व में, “रात” का बड़ी शिद्दत से इंतजार कर रही थी.. ताकि वह अपने चांद को निहार सके, जो उससे मीलों दूर अपनी ही दुनियां में मग्न था..!!! गुंजन शिशिर
Read More »कुछ अलग – Sima Kapoor
Sima Kapoor कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए, भीड़ साहस तो देती हैं मगर पहचान छिन लेती हैं।❣️
Read More »आशा, अभिलाषा, द्वेष – Mansi
मानसी ( somdalal ) Mansi ” आशा , अभिलाषा , द्वेष , अपनापन से परे रखीये खुद को , यहाँ सिर्फ मौज मस्ती के लिये पोस्ट्स किजिये ना की किसी से लगाव की नियत से ……
Read More »यादें- Tripti Tripathi
Tripti Tripathi उसने कहा- दर्द लिखो, मैंने लिखा- “तृप्ति कि यादें” उसने कहा- ख्वाब लिखो, मैंने लिखा- “रात में आना” उसने कहा- रोशनी लिखो, मैंने लिखा- “उसका मुस्कुराना” उसने कहा- ज़िंदगी लिखो, मैंने लिखा- ” तृप्ति”
Read More »
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com