2:11 am Thursday , 5 November 2026
BREAKING NEWS

एक्सप्रेस परिक्रमा

खुद को – Pushpa

Pushpa खुद से नाराज़ रहकर किसी को खुश नहीं किया जा सकता… खुद को समझना, खुद को अपनाना ज़रूरी है, क्योंकि जो दिल अपने ही बोझ से थका हो, वो दूसरों को सुकून कैसे देगा।

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ढलती शाम – Ranjana S

Ranjana S ढलती शाम का भी अपना एक अंदाज़ है, खामोशियों में छुपा कोई मीठा सा राज़ है..! रौशनी कम हुई तो क्या, खूबसूरती तो बढ़ गई, शायद इसी का नाम शाम का एहसास है..!!✨ आपकी शाम सुकून, मुस्कान और खूबसूरत यादों से भरी रहे।।

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आँखों में – priya sharma

priya sharma आँखों में रहने वाले को याद नहीं करते, दिल में रहने वाले की बात नहीं करते हमारी तो रुह में बस गए हो आप तभी तो मिलने की फरियाद नहीं करते..❣️

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