Koki Tyagi मतलबी दुनिया के मतलबी लोग, जहाँ स्वार्थ का दाना डला, वहीं इन्होंने अपना आशियाना बना लिया। 🙏🏻सुप्रभात🙏🏻
Read More »यादों की जन्नत- priya sharma
priya sharma ख्वाबों में तेरी यादों की जन्नत, ख्यालों में तेरी यादों की गुफ्तगू है…..❣️
Read More »सारे जग का- BiNi ShaKha
BiNi ShaKha #कर्म के पास न कागज है और न #किताब…., लेकिन फिर भी रखता है सारे जग का #हिसाब..!!
Read More »जिद – Payal sharma
Payal sharma🌼 जिद अगर जीतने की हो, तो हार भी सीख बन जाती है, जो आज संघर्ष है, वही कल पहचान बन जाती है
Read More »जिस मिट्टी पर- Priyanka
Priyanka जिस मिट्टी पर हम अपना घर बनाते हैं, उसी मिट्टी में मजदूर अपना पसीना बहाते हैं। हमारी खुशियों की नींव में अक्सर, उनके अधूरे सपनों की ईंटें लगी होती हैं।
Read More »तुमको कैसे गैर लिखूँ- Rinku Sharma
Rinku Sharma 🪔🌿हे साँवरे🪔🌿 🥀💫साँवरे चाँद से अपना प्रेम लिखूँ , *या निंदिया से अपना बैर लिखूँ_ 🌿✨तुम तो इस दिल की धड़कन हो, फिर तुमको कैसे गैर लिखूँ_ 🌿🪔जय श्री कृष्णा🪔🌿
Read More »खुश थे- Dr Jyoti kanwar
Dr. Jyoti kanwar खुश थे जब तक हाथों में स्कूल की किताबें थी, जब से अखबार पढ़ने लगे उदास रहने लगे..!!
Read More »चुपके से – Madhuri
Madhuri चुपके से गुजार देंगे जिंदगी तेरे नाम लोगो को फिर बताएंगे कि प्यार ऐसे भी होता है
Read More »उसका एहसास- Tripti Tripathi
Tripti Tripathi उसने कहा- समंदर लिखो, मैंने लिखा- “उसकी आँखें”। उसने कहा- सुकून लिखो, मैंने लिखा- “उसकी धड़कन”। उसने कहा- कायनात लिखो, मैंने लिखा- “तृप्ति का साथ”। उसने कहा- रूह लिखो, मैंने लिखा- “उसका एहसास”। #Goodmorning_X
Read More »अपने शहर में होते तो- Ranjana S
Ranjana S ये ठंडी रात , ये आवारगी , ये नींद का बोझ , हम अपने शहर में होते तो घर लौट गये होते…!!
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