4:45 pm Thursday , 5 November 2026
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दिसौलीगंज बिजली उपकेंद्र पर अवर अभियंता के खिलाफ कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

अभद्र व्यवहार, अवैध धन उगाही के दबाव, वेतन कटौती और नौकरी से निकालने की धमकियों के गंभीर आरोप; निष्पक्ष जांच समिति गठित करने की मांग

विद्युत वितरण खंड बिसौली के अंतर्गत विद्युत उपकेंद्र दिसौलीगंज पर तैनात आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों ने संबंधित अवर अभियंता के कथित व्यवहार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड बिसौली को सामूहिक शिकायती प्रार्थना पत्र देकर मानसिक उत्पीड़न, अभद्र भाषा का प्रयोग, अवैध धन उगाही के लिए दबाव बनाने, वेतन कटौती तथा नौकरी से निकलवाने की धमकियां देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि उपकेंद्र पर कार्यरत कुशल एवं अकुशल श्रमिकों के साथ लंबे समय से कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। उनका कहना है कि अवर अभियंता के दूारा छोटी-छोटी बातों पर मुकदमा दर्ज कराने और विभागीय कार्रवाई कराने की धमकी दी जाती है। इससे कर्मचारियों में भय, तनाव और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
शिकायती पत्र में कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि अवर अभियंता द्वारा संविदा कर्मचारी भारत सिंह को अपने पक्ष में रखकर अन्य कर्मचारियों से कथित रूप से धन उगाही कराने का दबाव बनाया जाता है। साथ ही भारत सिंह से विभागीय कार्य न कराए जाने तथा अन्य कर्मचारियों को अनावश्यक परेशान किए जाने की शिकायत भी की गई है। कर्मचारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
24 घंटे ड्यूटी कराने के दबाव का आरोप कर्मचारियों का कहना है कि श्रम कानूनों एवं निर्धारित सेवा शर्तों के विपरीत निर्धारित ड्यूटी समय से अधिक कार्य करने का दबाव बनाया जाता है। दिनांक 29 अक्टूबर 2026 को उपकेंद्र पर ड्यूटी चार्ट उपलब्ध कराने एवं उसे सार्वजनिक रूप से चस्पा कराने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन कर्मचारियों के अनुसार समस्या का समाधान करने के बजाय उनसे 24 घंटे ड्यूटी करने का दबाव बनाया जा रहा है।

अवर अभियंता के दूारा दिये गये पत्र पर पुराने चोरी संबंधी मामले की भी जांच की मांग

शिकायती पत्र में उपकेंद्र दिसौलीगंज पर पूर्व में चोरी से संबंधित अवर अभियंता दूारा जारी किए गए एक पत्र का उल्लेख करते हुए उस पूरे प्रकरण की भी निष्पक्ष जांच समिति गठित कर जांच कराने की मांग की गई है, ताकि वास्तविक तथ्यों और जिम्मेदार व्यक्तियों का पता चल सके। कर्मचारियों ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि उपजिलाधिकारी बिसौली, पुलिस क्षेत्राधिकारी बिसौली, प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली बिसौली, उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखंड आसफपुर तथा उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ बदायूँ के जिलाध्यक्ष को भी भेजी ह।
9 नवंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो 10 नवंबर से कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
कर्मचारियों ने मांग की है कि उच्च अधिकारियों की अध्यक्षता में निष्पक्ष जांच समिति गठित की जाए, जांच पूरी होने तक संबंधित अवर अभियंता के कथित उत्पीड़नात्मक व्यवहार पर प्रभावी रोक लगाई जाए, वेतन कटौती की जांच कर बकाया भुगतान कराया जाए, सभी कर्मचारियों का ड्यूटी चार्ट सार्वजनिक किया जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की जाए।
शिकायत में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि दिनांक 09 नवम्बर 2026 तक शिकायत पर कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी 10 नवम्बर 2026 से सामूहिक कार्य बहिष्कार कर संबंधित कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे ।
कर्मचारियों ने यह भी मांग की है कि शिकायत करने वाले किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई न की जाए तथा उनकी नौकरी और वेतन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अब देखना यह है कि विद्युत विभाग के उच्चाधिकारी कर्मचारियों की इस सामूहिक शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं या नहीं। इस दौरान रंजीत सिंह,सूरज सैनी, कृपाल सिंह,जुगदेश , बिजेंद्र, अरविंद,मनोज आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।

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