मानसी ( somdalal ) Mansi " अच्छें और कारागर विचार अक्सर लोगो के मन को भाते नहीं आजकल , बस बेकार और वाह्यात किस्म के ख्यालात लोगो की क्या खुबसुरत जिज्ञासा बनी हुई है खूब!!