ग्रहण में रहेगा रंग वर्जित
रंग उत्सव 4 मार्च को
वार्षिक पूजा वाले 2 मार्च को करें पूजन
होली का पर्व हर वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। इस बार होली पर भद्रा और चंद्रग्रहण का साया रहने के कारण तारीख को लेकर संशय है। आइए जानते हैं आचार्य राजेश कुमार शर्मा से होली की तारीख और होलिका दहन का शुभ मुहूर्त।
इस वर्ष होली पर पर दुर्लभ और महत्वपूर्ण खगोलीय संयोग देखने को मिलेगा। आचार्य राजेश कुमार शर्मा के अनुसार 2 मार्च की सायं 5:58 के उपरांत पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। 2 तारीख को भद्रा भी 5:59 के उपरांत प्रारंभ हो रही है और रात्रि में 05:29 तक रहेगी। आचार्य राजेश कुमार शर्मा बताते हैं श्री निर्णय सागर पंचांग के अनुसार भद्रा के संबंध में शास्त्रों में लिखा गया है यदि भद्रा निशीथ काल यानी मध्य रात्रि के बाद तक रहे तो फिर भद्रा में ही प्रदोष के समय भद्रा का मुख छोड़कर होलिका का दहन करें। इस वर्ष भद्रा का मुख नहीं रहेगा इससे प्रदोष बेला सूर्यास्त से 2 घंटे 24 मिनट में ही होलिका का दहन करना शास्त्रोक्त है।
सूर्यास्त का समय 2 तारीख को सांयकाल 6:14 पर है इसके उपरांत होली दहन करने का समय 9:00 बजे तक शुभ रहेगा। तीन तारीख को खग्रास/ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण होगा। ग्रहण का विरल छाया में प्रवेश 2:14 पर मध्यान्ह के समय, स्पर्श दोपहर 3:20 से प्रारंभ होगा और मोक्ष 6:45 पर होगा। चंद्र ग्रहण के सूतक 9 घंटे पूर्व से प्रारंभ होते हैं, अतः सूर्योदय के समय चंद्र ग्रहण के सूतक प्रारंभ रहेंगे और शाम को पूर्णिमा 5:08 तक ही रहेगी। होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में ही किया जाता है, अतः निर्णय सागर पंचांग के अनुसार 2 तारीख को ही होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत रहेगा। शेष जनमानस की अपनी इच्छा निर्भर करेगी।



4 मार्च को खेलें रंगों के साथ
3 मार्च को चंद्रग्रहण लग रहा है, यह ग्रहण 3 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक लगेगा। भारत में ग्रहण चन्द्रोदय के साथ शाम 6:14 मिनट से शुरू होगा और 6:46 मिनट पर समाप्त होगा। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारम्भ हो जाता है, यानि कि सुबह 6:20 मिनट से सूतक लगेगा। सूतक काल में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य या उत्सव करना मना होता है। इसलिए रंगोत्सव करना शास्त्र सम्मत नहीं है, इसके चलते 3 मार्च को होली नहीं खेली जाएगी। चंद्रग्रहण और सूतक की वजह से 4 मार्च को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा।
चंद्र ग्रहण में क्या करें
आचार्य राजेश कुमार शर्मा कहते हैं चंद्र ग्रहण के समय अपने इष्ट देव के मत्रों का जाप करें। ग्रहण काल का समय साधना के लिए विशेष फलदाई माना जाता है। अपने घर के मंदिर का भी पट बंद रखें। गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए। चाकू से कुछ भी चीज काटना छीलना आदि नहीं करना चाहिए।



सफेद वस्तुओं का करें दान
चंद्र ग्रहण के उपरांत सभी लोगों को चंद्रमा के निमित्त सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए। स्नान करने के उपरांत अपने घर के भगवान जी को भी स्नान कराकर नए वस्त्र धारण कराएं। होली भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है जो खुशी, आनंद, प्रेम और एकता का प्रतीक है। होली का पर्व परस्पर विभिन्न गतिविधियों, नृत्य ,संगीत, खाने पीने और खुशी के साथ मनाना चाहिए।


अच्छा राजेश कुमार शर्मा
9058810022
9897158598
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com



