Pushpa हमारी खुशी, हमारी सोच पर निर्भर है, हम शिकायत कर सकते हैं ,कि.. गुलाब की झाड़ियों में कांटें हैं, या खुश हो सकते हैं कि, काँटों की झाड़ियों में गुलाब हैं... Suprabhat aap sabhi ko