– गोवर्धन लीला के प्रसंग से कथा वाचिका कु. सपना शास्त्री ने दिया पर्यावरण और सामूहिकता का संदेश
कुंवरगांव। क्षेत्र के गांव बादल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा अब केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीणों को जोड़ने वाला एक सशक्त सांस्कृतिक मंच बनती जा रही है। कथा के चौथे दिवस सैफई से पधारीं कथा वाचिका कु. सपना शास्त्री ने गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए प्रकृति के संरक्षण, परस्पर सहयोग और अहंकार त्याग का संदेश दिया।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि इंद्र के अभिमान के कारण जब ब्रज में संकट उत्पन्न हुआ, तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत धारण कर ब्रजवासियों को आश्रय प्रदान किया। यह प्रसंग आज के समाज को यह सिखाता है कि प्रकृति और समाज दोनों की रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी से ही संभव है।
कथा स्थल पर भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिरस में डूबा रहा। श्रद्धालु तन्मय होकर कथा श्रवण करते दिखाई दिए। आयोजन ग्रामवासियों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें सभी वर्गों की सहभागिता देखने को मिल रही है। इस आयोजन के माध्यम से गांव में न केवल धार्मिक भावना प्रबल हुई है, बल्कि आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता भी मजबूत हुई है। कथा स्थल पर बनी व्यवस्था और अनुशासन ग्रामीण एकता का सजीव उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
रिपोर्टर अनुज रस्तोगी कुंवरगाँव
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