साप्ताहिक सत्संग
राम बनकर जियो या रावण बनकर जियो आपकी मर्जी : प्रश्रय आर्य
बिल्सी, तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित आर्य समाज प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया ! आर्य समाज के भजनोपदेशक पंडित प्रश्रय आर्य जय ने यज्ञ कराया ‘ उन्होंने यज्ञ के पश्चात बोलते हुए कहा “मनुष्य जीवन अनमोल है ,यह युगों युगों के शुभ कर्मों का परिणाम है ! मनुष्य जन्म पाकर हम अच्छे भी काम कर सकते हैं और बुरे भी कामकर सकते हैं ! हम रावण बनकर के भी दुनिया में जी सकते हैं और राम बनकर के भी दुनिया में जीत सकते हैं ! यह हम पर निर्भर है कि हम कैसा जीवन जीना चाहते हैं ! यदि हम बुराई के रूप में जिंदा रहना चाहते हैं तो रावण वाले काम करें और अच्छाई के रूप में अगर हम जिंदा रहना चाहते हैं तो हमें राम वाले काम करने होंगे ! इस अवसर पर श्रीमती कमलेश रानी,कुमारी कौशिकी रानी, कुमारी आराध्या,कुमारी उर्वशी ने भजन गाए । सत्संग में पंजाब सिंह,विनीत कुमार सिंह,अनुज कठेरिया ,दुर्वेश कुमारराकेश आर्य,श्रीमती सरोज देवी , संतोष कुमारी आदि मौजूद रहे !
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com
