1:31 am Saturday , 15 August 2026
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कछला में क्यों पार्किंग के नाम हो रही लूट, किसने दे रखी है छूट ?

बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ ।

जनपद की सीमा पर स्थित कछला गंगा घाट ऐसा पवित्र स्थल है जहां गंगा स्नान का पुण्य कमाने वाले रोजाना दो हजार से पांच हजार श्रृद्धालु गंगा स्नान को आते हैं। जबकि पूर्णिमा, अमावश, एकादशी तथा अन्य धार्मिक पर्व पर यह संख्या कई गुना हो जाती है जबकि रात्रि में होने वाली श्री गंगा आरती में भाग लेने वालों की संख्या किसी से छिपी नहीं है।

बदायूं जनपद में कछला गंगा घाट को भागीरथी तट भी कहा जाता है जहां संसार से गोलोकवास करने वालों के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने का महत्व जगजाहिर है।

अंतिम संस्कार करने हेतु वाहनों से आने वाले नागरिकों एवं उनके वाहनों की संख्या सैकडों में है। कछला में प्रदेश सरकार द्वारा अंतिम संस्कार ग्रह बनवाने के उपरांत कछला में आने वालों की संख्या में कितनी बृद्धि हुई वह सब जानते है ।और इन सबके अलावा बरेली से मथुरा, आगरा, अलीगढ, जयपुर, बाला जी, सोरों जी जाने वाले सैकडों वाहन कछला से गुजरते हैं और कछला में आने और कछला से गुजरने वाले वाहनों से पार्किंग के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली हो रही है।

सबसे बडा दुख इस बात का है कि कछला नगर पंचायत पर भाजपा का कब्जा है और चेयरमैन जगदीश् लोनिया को निहायत ईमानदार व्यक्ति कहा जाता है। लेकिन उनके क्षेत्र में दिन रात सडक पर पार्किंग के नाम होने वाली लूट की कहानी रोजाना हो रही है। प्रदेश में पार्किग कब की समाप्त हो चुकी तो नगर पंचायत तो पार्किंग का ठेका देने से रही और ठेका नहीं है तो वाहनों से वसूला जाने वाला धन किसकी जेब में जा रहा है, नगर पंचायत ने पार्किग का ठेका देने का कोई नया रास्ता निकाल लिया है तो उसकी सूचना कछला में कहीं पर क्यों नहीं लगी है। और वाहनों से वसूले जाने वाले धन की निर्धारित दर क्या है इसके बारे में चुप्पी क्यों बनी हुई है। क्या नगर पंचायत के अभिलेख में ठेका दर्ज है। या किसी के इशारे पर पार्किंग के नाम पर लूट मचाई हुई है। जबकि कई वार पार्किंग के चक्कर में नगर पंचायत की थुक्का फजीहत भी हुई है। मारपीट के मामले कछला चौकी पर भी पहुंचे हैं लेकिन इस अवैध उगाही पर पुलिस भी चुप्पी साध लेती है।

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