9:33 pm Wednesday , 4 November 2026
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11 शुभ योगों की यति एवं भद्रा रहित रहेगा रक्षाबंधन: ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा

11 शुभ योगों की यति एवं भद्रा रहित रहेगा रक्षाबंधन: ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा

रक्षाबंधन पर्व इस वर्ष विशेष रहने वाला है श्रावण पूर्णिमा 27 तारीख को प्रातः 9:11 से प्रारंभ होगी और 28 अगस्त को प्रातः 9:50 तक रहने वाली है सूर्योदय को महत्व देते हुए रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार 28 तारीख को ही मानना श्रेष्ठ होगा। कुछ मान्यता के अनुसार ग्रहण भी रहने वाला है यहां पर ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा बताते हैं बहुत सारे लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या ग्रहण का असर रक्षाबंधन की पूजा और राखी बांधने के समय पर पड़ेगा?

यहां यह स्पष्ट करना उचित रहेगा कि यह ग्रहण भारत में अदर्शनीय है, इसलिए इस ग्रहण का रक्षाबंधन पर पर कोई भी प्रभाव नहीं रहने वाला है।
साथ ही इस रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का भी साया नहीं रहेगा।

रक्षाबंधन पर बनेंगे कई शुभ योग

इस बार रक्षाबंधन पर शतभिषा नक्षत्र रहेगा, अतिगंड, सुकर्मा, श्रीवत्स, सौम्य और ययीजय योग के साथ चंद्राधि, बुधादित्य, विमल विपरीत राजयोग, धन, उभयचरी, शकट और सुनफा योग का भी निर्माण होगा। उन्होंने इन योगों को पर्व के लिए विशेष शुभ बताया।
सूर्य और गुरु बना रहे विशिष्ट योग
ज्योतिषाचार्य के अनुसार रक्षाबंधन के दौरान सूर्य और गुरु अपनी उच्च राशियों में रहकर विशिष्ट योग बनाएंगे. उनका कहना है कि लंबे अंतराल के बाद बन रहे इन योगों के कारण इस बार रक्षाबंधन का पर्व धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

राखी बांधने के लिए प्रातः काल 5:51 से 10:29 तक का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राहु काल प्रातः 10:30 से 12:00 तक रहने वाला है, इसलिए इस समय का त्याग करना श्रेष्ठ रहेगा।
इसके उपरांत किसी भी समय रक्षाबंधन पर्व मनाना श्रेष्ठ रहेगा।

राजेश कुमार शर्मा ज्योतिषाचार्य

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