5:38 am Thursday , 5 November 2026
BREAKING NEWS

एक्सप्रेस परिक्रमा

मुझे- Nita Vasave

Nita Vasave मुझे गर्व है कि आज मैं खुद को जिस तरह सँभाल रही हूँ .. मैंने अकेले ही कई खामोश लड़ाइयाँ लड़ी हैं…. अपने आँसू खुद पोंछे हैं…. और फिर भी हर दिन मुस्कुराई हूँ …

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मुकम्मल- Tripti Tripathi

Tripti Tripathi उसने कहा–तन्हाई लिखो, मैंने लिखा–तृप्ति की ख़ामोशी। उसने कहा–बेकरारी लिखो, मैंने लिखा–तृप्ति का इंतजार। उसने कहा–सुकून लिखो, मैंने लिखा–तृप्ति का ठहरना। उसने कहा–मुकम्मल लिखो, मैंने लिखा–तृप्ति का साथ।

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सिद्धांतवादी होना- Komal Rathore

Komal Rathore सिद्धांतवादी होना जीवन की बहुत बड़ी उपलब्धि है। जिस जीवन में सिद्धांत नहीं हैं वो जीवन कभी भी श्रेष्ठ एवं आदर्श नहीं बन सकता।🧖🏻

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शौक – Mansi

मानसी ( somdalal ) Mansi ” जी हम तो शौक फर्माते है और आप दिल पे लेते हैं , जी ये बात तो जायज नहीं क्यूँ खुद को नादान बताते हैं !!

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