2:12 am Thursday , 5 November 2026
BREAKING NEWS

एक्सप्रेस परिक्रमा

समाज मे सुलह की बैठक- Koki Tyagi

Koki Tyagi हमारे समाज मे सुलह की बैठक का एक ही मतलब होता है, कमजोर को अपने हक छोड़ने के लिए मजबूर करना। 🙏🏻सुप्रभात🙏🏻

Read More »

स्वाभिमान – Koki Tyagi

Koki Tyagi स्वाभिमान हमेशा पगड़ी की तरह ऊँचा होना चाहिए…..बाक़ी जूते चाहे जितने कीमती हों, जगह जगह उतारने ही पड़ते हैं।। 🙏🏻सुप्रभात🙏🏻

Read More »

लोग पूछते हैं – Rajput

Rajput࿐ℎ ❤️ लोग पूछते हैं मुझसे, कितना टूटी हो तुम? कहो तो आकर हम तुम्हें फिर से जोड़ दें… कोई जाकर बताए उन्हें कि जोड़ा टुकड़ों को जाता है, हम तो पूरी तरह चूर-चूर हुए हैं।

Read More »

पहचान- BiNi ShaKha

BiNi ShaKha क्या आज की आधुनिक पत्नीयों की पहचान केवल उसकी स्वतंत्र सोच और करियर से होती है, या परिवार, रिश्तों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना भी उसकी सफलता है ?

Read More »

उसकी मौजूदगी- Sugandha Sharma

Sugandha Sharma वहाँ प्रेम धीरे-धीरे मोह से निकलकर आध्यात्म बन जाता है। क्योंकि सच्चा प्रेम किसी को बाँधता नहीं, बस उसकी मौजूदगी में मन को थोड़ा और शांत कर देता है।

Read More »

मैं कभी – Nita Vasave

Nita Vasave मैं कभी माफ़ नहीं करूँगी…. जिसने मेरे दिल में घुटन पैदा की…. मुझे ख़ुशियों से डरना सिखाया…. मुझे बोलने पर मजबूर किया …. मेरे सहने की हद पार कर दी…. मुझे वो बनने पर मजबूर किया ,जो मैं नहीं थी…

Read More »