12:58 am Thursday , 5 November 2026
BREAKING NEWS

एक्सप्रेस परिक्रमा

मुझे पता है – Naina Mehta

Naina Mehta “मैंने अपने बाल खुले रखे हैं, क्योंकि मुझे पता है कि तुम्हें मेरे खुले बाल पसंद हैं। लिपस्टिक थोड़ी-सी अतिरिक्त हौसला बढ़ाने के लिए लगाई है। अब बाकी सब तुम्हारे आकर्षण पर निर्भर है।

Read More »

ग़ैर ही अच्छे हैं- Tripti Tripathi

Tripti Tripathi उसने कहा- सुकून लिखो मैने लिखा- भुला दो मुझे।। उसने कहा- वफ़ा लिखो मैने लिखा- किताब पुरानी हुई।। उसने कहा- साया लिखो मैने लिखा- धूप बहुत कड़क है।। उसने कहा- अपना लिखो मैने लिखा- ग़ैर ही अच्छे हैं।।

Read More »

तेरी चाहत में- Kaveri Gupta

Kaveri Gupta तेरी चाहत में कुछ ऐसी उलझन है न कहते बनता है, न सहते बनता है। तू सामने हो तो साँस थम जाती है तू दूर हो तो दिल रहता नहीं। ये कैसा इश्क़ है, ये कैसी बेचैनी हर लम्हा बस तेरा ही गुमान है। सुलझाऊँ तो डोर टूटती …

Read More »

तेरा ज़िक्र हो या – VeenaShri

VeenaShri तेरा ज़िक्र हो या चाय की चुस्की😋 दोनों दिल को सुकून दे जाते हैं🫰🏻 एक तन्हाई मिटा देती है🫂 दूसरी यादों को जगा जाती हैं🥰 GOOD MORNING

Read More »

समर्पण और उत्साह के साथ – Komal Rathore

Komal Rathore हम सभी को अपने क्षेत्र में उसी समर्पण और उत्साह के साथ कार्य करना होगा जो रणभूमि में एक योद्धा को अपने कर्तव्य के प्रति प्रेरित और उत्साहित करती है और यह सिर्फ बोलना नहीं बल्कि करके दिखाना है।

Read More »

एक “लहर” की उत्कंठा – Gunjan Agrawal

Gunjan Agrawal एक “लहर” की उत्कंठा सिर्फ़ इतनी ही थी , कि वह किनारे का आलिंगन पा सके , इसलिए वह सागर से दूर हो रही थी.. जबकि वह “किनारा” कभी महसूस ही न कर सका, उस लहर की तड़प को ….!!!! गुंजन शिशिर

Read More »