12:41 am Monday , 9 November 2026
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मां लक्ष्मी का पूजन:- Jaya kishori

Jaya

मां लक्ष्मी का पूजन:
मां लक्ष्मी को रोली, अक्षत, कमलगट्टा, लाल गुलाब, सिंदूर, खीर-पताशे, फल और मिठाई अर्पित करें.

दीपक प्रज्ज्वलन:
सरसों के तेल और देसी घी का चौमुखी दीपक जलाकर लक्ष्मी-गणेश जी के समक्ष रखें.

आरती व क्षमा याचना:
गणेशजी और मां लक्ष्मी की आरती गाएं, तत्पश्चात जाने-अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा याचना करें.

दीपावली की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री*
लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए परिवार अपनी धार्मिक परंपरा और सुविधा के अनुसार सामग्री एकत्र कर सकते हैं.

लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा, पूजा चौकी, लाल या पीला वस्त्र, कलश, गंगाजल, रोली, चंदन, अक्षत, पुष्प, सुपारी, हल्दी, दीपक, रुई, घी या तेल, धूप, फल, मिठाई, खील और बताशे।

पूजा की सामग्री और विधि क्षेत्रीय एवं पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.

दीपावली में दीप जलाने का धार्मिक महत्व*
दीपावली को प्रकाश और सकारात्मकता के पर्व के रूप में मनाया जाता है.
इस दिन घरों, आंगनों और पूजा स्थलों पर दीप प्रज्वलित किए जाते हैं धार्मिक मान्यताओं में दीपक को अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक माना गया है.
कई स्थानों पर परिवार एक साथ लक्ष्मी-गणेश पूजन करते हैं और घरों को दीपों तथा रंगोली से सजाते हैं.

दीपावली का पर्व धार्मिक आस्था के साथ परिवार, समाज और पारस्परिक सद्भाव को भी जोड़ता है.
स्थानीय पंचांग के अनुसार ही निर्धारित करें पूजा का समय
देश के अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त और अन्य खगोलीय गणनाओं के कारण पूजा के समय में अंतर हो सकता है.

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त को सभी शहरों के लिए समान नहीं माना जाना चाहिए.

स्थानीय धार्मिक परंपरा और परिवार के पुरोहित द्वारा बताए गए समय को भी ध्यान में रखा जा सकता है.

*कल 8 नवंबर को मनाई जाएगी दीपावली*
दीपावली रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी पंचांग के अनुसार इसी दिन शाम के प्रदोष काल में अमावस्या तिथि रहने के कारण लक्ष्मी-गणेश पूजन किया जाएगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा श्रद्धालु अपने स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार पूजन कर सकते हैं.

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