Tripti Tripathi तुम्हारे नाम से चलती, मेरी हर साँस की डोर...!! तुम्हें खोकर भी पा लूँ मैं, ये कैसा प्यार है मेरा...!! जहाँ तुम हो वहीं मंज़िल, वहीं मेरी सुबह-शामें...!! तुम्हारी ओर जो मुड़ जाए, वो फिर संसार क्या मेरा...!!