Gunjan Agrawal
“मौन”
वह जो सबके सामने सहज दिखाई देता है,
अक्सर अपने ही भीतर बिखरा हुआ है..
जिसे दुनिया ने खामोश समझा हुआ है,
वह कुछ अनकहे एहसासों से घिरा हुआ है..
क्योंकि हर मौन शांति का प्रतीक नहीं होता,
कभी-कभी मन का सबसे गहरा शोर भी..
” मौन” होता है..!!!
गुंजन शिशिर
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