बदायूं
अभिगांव गौशाला में गौवंशों की मौत पर शासन सख्त, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने किया निरीक्षण
केशव गुप्ता
जिम्मेदारों पर कार्रवाई के बाद मौके पर पहुंचे मंत्री, बोले—दोषी पाए जाने पर किसी को नहीं बख्शा जाएगा
बदायूं। जिले की गौशालाओं में गौवंशों की मौत और व्यवस्थाओं में सामने आई अनियमितताओं के मामले में शासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह गुरुवार को म्याऊं विकास क्षेत्र के ग्राम पंचायत अभिगांव स्थित गौशाला पहुंचे और मौके पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
मंत्री ने गौशाला में मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से गौवंशों की मौत और गौशाला के संचालन से जुड़ी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति को लेकर उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि गौवंशों की मौत के मामले में जांच के दौरान जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पहले ही हो चुकी है कई जिम्मेदारों पर कार्रवाई
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अभिगांव और सालारपुर क्षेत्र की ब्यौर गौशाला में गौवंशों की मौत के मामलों में अलग-अलग जांच समितियां गठित की गई हैं। दोनों गौशालाओं की नियमित जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत अभिगांव और ब्यौर से जुड़े दो ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया है। वहीं म्याऊं और सालारपुर के पशु चिकित्साधिकारियों के खिलाफ भी निलंबन की संस्तुति की गई है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
इसके अलावा दोनों गौशालाओं से जुड़े एनजीओ को ब्लैकलिस्ट किए जाने तथा संचालकों के खिलाफ संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराने की जानकारी दी गई है। अभिगांव गौशाला प्रकरण में दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर जेल भेजे जाने की बात भी प्रशासन ने कही है।
गौवंशों की मौत के आंकड़ों को लेकर उठे सवाल
अभिगांव गौशाला में तेज बारिश के बाद बड़ी संख्या में गौवंशों की मौत का मामला सामने आया था। स्थानीय स्तर पर करीब 70 गौवंशों की मौत की बात कही गई, जबकि जिला प्रशासन की ओर से 20 गौवंशों की मौत की पुष्टि की गई थी। ब्यौर गौशाला में भी 20 गौवंशों की मौत की जानकारी सामने आई थी।
मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वास्तविक संख्या और मौत की वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गौशालाओं की निगरानी पर भी उठे सवाल
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच गौशालाओं की नियमित निगरानी और व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हुए हैं। प्रशासन की ओर से बिना सीसीटीवी वाली गौशालाओं में सीसीटीवी के माध्यम से सतत निगरानी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री के निरीक्षण और शासन की कार्रवाई के बाद अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर हैं। जांच में गौवंशों की मौत की वास्तविक वजह और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।



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