11:53 pm Tuesday , 11 August 2026
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ई-रिक्शा की बैटरी हैक कर रोक रहे थे हेकर्स ,सरकार ने 3 चीनी एप्स पर लगाया बैन।

बदांयू 3 जुलाई।

उझानी बदांयू बरेली सहित दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में ई-रिक्शा चालकों के लिए मुसीबत बने तीन चीनी मोबाइल एप्स को केंद्र सरकार ने बैन कर दिया है। इन एप्स से बदमाश ब्लूटूथ के जरिए चलती ई-रिक्शा की बैटरी बंद कर रहे थे। आईटी मंत्रालय ने शुक्रवार को इन्हें एप स्टोर से हटाने के आदेश जारी किए।

हाल ही में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए जिनमें चलते-चलते ई-रिक्शा अचानक बंद हो रहे थे। शिकायतें मिलीं कि कुछ शरारती तत्व एक खास एप के जरिए 10-15 मीटर की दूरी से ई-रिक्शा की लीथियम बैटरी को बंद कर दे रहे थे। इससे चालकों और सवारियों को सड़क पर भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

जांच में सामने आया कि ये कारनामा BAT-BMS, लॉसिजी और इपोच ली-आयन नाम के तीन एप से हो रहा था। ‘BAT-BMS’ को चीनी कंपनी ‘शेन्जेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी’ ने बनाया है। यह असल में ब्लूटूथ-इनेबल्ड लीथियम बैटरी की चार्जिंग, टेम्प्रेचर, वोल्टेज और हेल्थ पर नजर रखने के लिए रियल टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है। ड्राइवर या मैकेनिक इससे बैटरी की सेटिंग्स भी बदल सकते हैं।

दरअसल, कुछ ई-रिक्शा में लगी लीथियम बैटरियों का ब्लूटूथ मैनेजमेंट सिस्टम बिना पासवर्ड या बेहद कमजोर सुरक्षा के था। इसी का फायदा उठाकर बदमाश इन एप्स से बैटरी से कनेक्ट होकर उसे बंद कर दे रहे थे।

आईटी मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, “कारों के बैटरी सिस्टम में मजबूत सुरक्षा और एन्क्रिप्शन होता है, इसलिए कोई सामान्य एप उनसे कनेक्ट नहीं हो सकता। लेकिन सस्ते ई-रिक्शा में सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह खतरा केवल उन्हीं वाहनों को है जो दो शर्तें पूरी करते हैं- वाहन में ब्लूटूथ सपोर्ट करने वाली लीथियम-आयन बैटरी लगी हो।
दूसरी बैटरी का ब्लूटूथ कनेक्शन बिना पासवर्ड के ‘ओपन’ छोड़ा गया हो। जिन ई-रिक्शा की बैटरी का BMS पासवर्ड से सुरक्षित है, या जिनमें ब्लूटूथ बंद है, वे इन एप्स से पूरी तरह सुरक्षित हैं।

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आईटी मंत्रालय ने शुक्रवार को तीनों एप्स को एप स्टोर से हटाने के आदेश दिए हैं। हालांकि ये एप अभी भी गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद हैं और इन्हें हटाने की प्रक्रिया जारी है।

चालकों को सलाह कि अपनी ई-रिक्शा की बैटरी के BMS में तुरंत मजबूत पासवर्ड लगवाएं।
जब जरूरत न हो तो ब्लूटूथ बंद रखें।
किसी अनजान व्यक्ति को बैटरी के पास मोबाइल लेकर खड़े न होने दें।

बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) क्या करता है-
BMS बैटरी की ओवरऑल सेहत की निगरानी करता है। यह चार्जिंग, डिस्चार्जिंग, टेम्प्रेचर और वोल्टेज को कंट्रोल करता है ताकि बैटरी सुरक्षित रहे और उसकी लाइफ बढ़े। फिलहाल एक दो दिन में यह एप बंद हो जाएंगे।

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