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बदायूं: एक भी बच्चा न छूटे स्कूल से, नामांकन न होने पर प्रधानाध्यापक होंगे जवाबदेह

बदांयू 20 जून।

स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्रधानाध्यापकों की सीधी जिम्मेदारी तय कर दी गई है। अब स्कूल जाने योग्य आयु का एक भी बच्चा छूटा तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई होगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई से अभियान का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। इसके तहत 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। विभाग ने ड्रॉपआउट रोकने के लिए कक्षा 5, 8 और 10 उत्तीर्ण विद्यार्थियों के अगली कक्षा में प्रवेश की जिम्मेदारी भी तय कर दी है।

किसकी क्या जिम्मेदारी

कक्षा 5 उत्तीर्ण: कक्षा 6 में प्रवेश कराना संबंधित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी।
कक्षा 8 उत्तीर्ण: कक्षा 9 में दाखिला सुनिश्चित करना उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक का दायित्व।
कक्षा 10 उत्तीर्ण: कक्षा 11 में प्रवेश कराना माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य की जवाबदेही।

बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षक घर-घर जाकर सर्वे करें। स्कूल न जाने वाले, ड्रॉपआउट और अगली कक्षा में प्रवेश से वंचित बच्चों को चिन्हित कर उनका नामांकन कराएं।

नामांकन की प्रगति की रोजाना समीक्षा होगी। यदि किसी विद्यालय क्षेत्र में स्कूल जाने योग्य बच्चा छूटा मिला या अगली कक्षा में दाखिला नहीं हुआ, तो संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

अभियान को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों और अभिभावकों का भी सहयोग लिया जाएगा। बीएसए ने कहा कि सरकार की मंशा है कि “एक भी बच्चा न छूटे स्कूल से” और हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

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