Chaudhary Sahiba
जीवन जीना हो तो खोना ही पड़ेगा
चाह कर भी किसी को खोना…
मिलना ना मिलना तो तकदीर का खेल है
अपनी तक़दीर ही समझ कर खुद को समझना ही पड़ेगा
कुछ तो कमी रही है जो ये सजा मिली है
दिल मे हा है और ना चाहते हुए भी हमे ना ही मिली है।
कुसूर ना तुम्हरा है ना मेरा है
चाह कर भी किसी को खोना ही.
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