Naina Mehta प्यार और चाह हमेशा एक ही दरवाज़े से नहीं आते। सही होना अक्सर संदर्भ पर निर्भर करता है। और कुछ संदर्भों में बाहर भी बिल्कुल ठीक होता है। शुभ प्रभात। शुभ शनिवार।