12:45 am Thursday , 5 November 2026
BREAKING NEWS

पटाखे से जलने पर टूथपेस्ट और बर्फ न लगाएं, ठंडा पानी लगाऐ

उझानी बदांयू 20 अक्टूबर।

दीपावली का त्योहार खूब हंसी-खुशी से मनाएं और पटाखे भी छुड़ाएं लेकिन थोड़ा संभल कर। चिकित्सकों का कहना है कि लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है। पटाखे को छुड़ाते वक्त आंखों को खासतौर पर बचाएं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक चर्मरोग स्पेशलिस्ट डॉ सर्वेश कुमार ने बताया कि पटाखे, आग से जलने पर जख्म पर टूथपेस्ट, बर्फ आदि न लगाएं। इससे ऊतकों को क्षति पहुंच सकती है।

उन्होंने बताया कि जलने पर सादे या ठंडे पानी से कम से कम जले वाले अंग को धोएं। इसके बाद एंटी सेप्टिक कोई भी मलहम लगा लें। जले वाले अंग को साफ सूती कपड़े से ढंककर अस्पताल आए। रोगी को नारियल पानी, नींबू पानी आदि पेय पदार्थ दें। 20 फीसदी से अधिक जलने पर शरीर में पानी की कमी होने लगती है।

साथ ही अस्थमा और सीओपीडी के रोगी धुआं और प्रदूषण से बचकर रहें। इससे अस्थमा अटैक पड़ सकता है। डाॅ उमेश शर्मा नेत्र रोग विशेषज्ञ का कहना है कि पटाखे छुड़ाते समय आंखों में धुआं लग जाए या कुछ चला जाए तो साफ पानी से आधा घंटे तक धोएं। अगर आंख में सूजन आए, दिखने में धुंधलापन लगे या खून आए तो तुरंत चिकित्सक को दिखाऐ।

।

डाॅ इवा फरमान ने बताया कि तेज पटाखे छुड़ाते वक्त कान में रुई लगा लें। लगातार 20 मिनट से अधिक पटाखों के शोर में न रहें। पटाखों की ध्वनि 90 डेसीबल से अधिक होती है। इससे कान की नर्व को नुकसान हो सकता है। कान का पर्दा भी फट सकता है। कान सुन्न हो जाए या खून आने लगे तो तुरंत विशेषज्ञ को दिखाएं। इससे मृत हो रही नर्व को बचाया जा सकेगा। मास्क लगाकर पटाखे छुड़ाएं।सांस दमा के रोगी मास्क अवश्य लगाएं।
——
राजेश वार्ष्णेय एमके।

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.