सारिका सिंह (मनी ) तेरी महफ़िल मुबारक हो तुझे वो गीत संगीत फिर से सजा ले.. तेरे पास तो हुनर है महफ़िल मे तमाशा करने का तुझे पसंद है सबको गले लगाकर रखने का दर्द तो हमें है न हुनर आया ना गीत न महफ़िल है न संगीत.. हमें तो …
Read More »स्नेह की बूँदें -HINA_JAISWAL
HINA_JAISWAL 😍🌟💐 स्नेह की बूँदें जब गिरती हैं मन की गहराइयाँ खिल उठती हैं। प्रेम का संगीत वायु में बहता है श्वास की हर आहट में तरंगित होता है। . नयनों में जब प्रेम बदरिया उमड़ती है धड़कनों की लय मधुर गीत गुनगुनाती है। मेघ-मल्हार की रागिनी को छेड़ स्नेह …
Read More »आँखों में – Payal sharma
Payal sharma🌼 आँखों में भी जाने कितने बादल है… हर मौसम बारिश का मौसम लगता है…
Read More »समझ नहीं आता – Sugandha Sharma
Sugandha Sharma #प्रेम..सबकी समझ में नहीं आता… और..जिसकी समझ में आता है.. उसको फिर कुछ और #समझ नहीं आता ..❤️🧡 #सुप्रभात_जिंदगी #सुगंधा #हर_हर_महादेव #जय_शनि_देव #स्वीट_वीकेंड #वंदे_मातरम्
Read More »मुस्कान लेकर- Chaudhary Sahiba
Chaudhary Sahiba “अब कहाँ वो लोग मिलेंगे”* मिले भी तो बस फासलों की दास्तां लेकर, वो चले गए मेरी खुशियों का जहान लेकर जिन्हें चाहा था टूट कर, वो पत्थर के निकले, हम फिरते रहे हाथों में वफ़ा का सामान लेकर। कभी महफिल की जान थे हम भी ऐ दोस्त, …
Read More »सफर की शुरुआत- Ravina Mishra
Ravina Mishra🧚♀️ जो सफर की शुरुआत करते हैं, वो मंजिल भी पा हीं लेते हैं, बस एक हौसला होना चाहिए, क्योंकि अच्छे लोगों का तो, रास्ते भी इंतजार करते हैं। शुभ प्रभात मित्रों।
Read More »अधूरा ख़्वाब- Naina Mehta
Naina Mehta ज़िंदगी एक अधूरा ख़्वाब है, जो हर सुबह नई शक्ल बदल लेता है। कुछ राज़ पंखुड़ियों की तरह होते हैं, छू लो तो खुशबू देते हैं, पकड़ लो तो बिखर जाते हैं। इसी नाज़ुक सच में, दर्द भी गुलाब बनकर चुपचाप मुस्कुराता है। शुभ प्रभात। शुभ शुक्रवार। #सुप्रभात_वंदन
Read More »ख़ास की तलाश – Chaudhary Sahiba
Chaudhary Sahiba किसी को क्या हासिल होगा मुझे याद करने से, मैं तो एक आम इंसान हूँ, और यहाँ तो हर किसी को ख़ास की तलाश है…
Read More »ख़ामोशी से – Naina Mehta
Naina Mehta ख़ामोशी से खड़ा रहना भी कभी-कभी जवाब होता है। जो खुद को कम आँक ले, दुनिया वही कीमत लगाती है। इज़्ज़त माँगी नहीं जाती, निभाई जाती है। शुभ प्रभात। शुभ गुरुवार। #सुप्रभात_वंदन
Read More »जुदा होकर भी – सारिका सिंह
सारिका सिंह (मनी ) जुदा होकर भी तू मुझमे बाकी है तुम चले गए लेकिन मुझमे इश्क अभी बाकी है तुमको रास आयी नहीं मुहब्बत मेरी तुझमे लोगो की प्यास अभी बाकी है फरेब नहीं था इश्क मेरा…. लेकिन तुझमे फरेबी इश्क की चाहत बाकी है जी भर जाये दुनिया …
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