बिल्सी। भाई-बहन के पवित्र प्रेम, स्नेह और परस्पर रक्षा के संकल्प का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने बताया कि पंचांग के अनुसार श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को प्रातः प्रारंभ होकर 28 अगस्त को प्रातः …
Read More »सरस्वती शिशु मंदिर नैनीताल मार्ग बरेली में मनाया गया रक्षाबंधन पर्व
बरेली। सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग, बरेली में रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास एवं भारतीय संस्कृति की गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। विद्यालय की बहनों ने भाइयों को विधिवत तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा तथा …
Read More »भले के लिए- Pushpa
Pushpa जो कुछ होता है भले के लिए होता है! ऐसा मान कर सुख दुख को भोगना चाहिए। विधाता दुख शिक्षा के लिए देता है और सुख मानवता के परिचय के लिए।
Read More »अच्छें और कारागर विचार – Mansi
मानसी ( somdalal ) Mansi ” अच्छें और कारागर विचार अक्सर लोगो के मन को भाते नहीं आजकल , बस बेकार और वाह्यात किस्म के ख्यालात लोगो की क्या खुबसुरत जिज्ञासा बनी हुई है खूब!!
Read More »जय मां लक्ष्मी जी
Komal Rathore इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है, लेकिन किस्मत और नसीब नही.. !! 🧖🏻 जय मां लक्ष्मी जी ❤️
Read More »श्री लक्ष्मी नारायण
Nikky Choudhary भगवान श्री विष्णु और माता लक्ष्मी का एकाकार स्वरूप “लक्ष्मी नारायण” कहलाता है। सनातन धर्म में यह रूप सृष्टि के पालन, समृद्धि और संतुलन का प्रतीक है। — भगवान विष्णु सृष्टि के ‘पालक’ (संरक्षक) हैं, जो ब्रह्मांड का संतुलन और संचालन करते हैं। माता लक्ष्मी धन, समृद्धि, वैभव …
Read More »स्वाभिमान – Koki Tyagi
Koki Tyagi स्वाभिमान हमेशा पगड़ी की तरह ऊँचा होना चाहिए…..बाक़ी जूते चाहे जितने कीमती हों, जगह जगह उतारने ही पड़ते हैं।। 🙏🏻सुप्रभात🙏🏻
Read More »लोग पूछते हैं – Rajput
Rajput࿐ℎ ❤️ लोग पूछते हैं मुझसे, कितना टूटी हो तुम? कहो तो आकर हम तुम्हें फिर से जोड़ दें… कोई जाकर बताए उन्हें कि जोड़ा टुकड़ों को जाता है, हम तो पूरी तरह चूर-चूर हुए हैं।
Read More »पहचान- BiNi ShaKha
BiNi ShaKha क्या आज की आधुनिक पत्नीयों की पहचान केवल उसकी स्वतंत्र सोच और करियर से होती है, या परिवार, रिश्तों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना भी उसकी सफलता है ?
Read More »उसकी मौजूदगी- Sugandha Sharma
Sugandha Sharma वहाँ प्रेम धीरे-धीरे मोह से निकलकर आध्यात्म बन जाता है। क्योंकि सच्चा प्रेम किसी को बाँधता नहीं, बस उसकी मौजूदगी में मन को थोड़ा और शांत कर देता है।
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