इस्लामनगर आंधी में घायल मोर की मौत, युवक पर पंख काटने और तालाब में फेंकने का आरोप।
बदायूं 19 मई 2026
बदायूं के इस्लामनगर क्षेत्र के कासिमाबाद गांव में राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत से ग्रामीणों में भारी रोष है। आरोप है कि 4 दिन पहले आई आंधी में घायल हुए मोर को गांव के ही फिरासत नाम के युवक ने इलाज के नाम पर घर ले जाकर मार डाला।
तेज आंधी के बाद गांव में एक मोर घायल अवस्था में मिला था। कासिमाबाद निवासी फिरासत उसे उपचार के लिए अपने घर ले गया।
ग्रामीणों का कहना है कि फिरासत ने मोर का इलाज नहीं किया। आरोप है कि उसने तड़पाकर मोर को मार दिया और मौत के बाद धारदार हथियार से उसके पंख काट दिए। शव को दफनाने के बजाय तालाब में फेंक दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मोर के घायल होने की सूचना वन विभाग को देने के लिए कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई। समय पर मदद मिलती तो मोर बच सकता था।
घटना के बाद ग्रामीणों ने खुद मोर के शव को तालाब से निकालकर दफनाया। थाना अध्यक्ष उदयवीर सिंह ने वन विभाग के बड़े अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेज दिया गया।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो ग्रैब वायरल है जिसमें युवक मृत मोर को ले जाता दिख रहा है। ग्रामीणों ने फिरासत के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है। इसे मारना, शिकार करना या पंख रखना गैरकानूनी है। दोषी पाए जाने पर 3 से 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
फिलहाल वन विभाग मामले की जांच कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह और आगे की कार्रवाई तय होगी।
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