Gunjan Agrawal खो रही हूं धीरे-धीरे खुद को कहीं, जिंदगी की आपाधापी में... और इस बात की गवाही वो "आइना" देता है जो मुझे देख मेरी "बेतरतीबी" पर मुस्कुराता है..!! गुंजन शिशिर