Gunjan Agrawal
कुछ “रातें” गुजरती नहीं बल्कि,
वह ठहर जाती हैं हमारी पलकों पर..
कभी किसी की यादों में तो,
कभी किसी के प्रेम में.
कभी किसी के दिए दर्द के साथ तो,
कभी किसी के विरह में बहे अश्रुओं के साथ!!
बस वह ठहर जाती है और वहीं रातें,
जीवन की सबसे लंबी रातें लगती है..!!!
गुंजन शिशिर/
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