10:20 am Thursday , 5 November 2026
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शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए- डॉ उमेन्द्र कुमार गुप्ता

शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए!
मेरा शासन एवं प्रशासन से विनम्र आग्रह है कि निजी विद्यालयों में शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता और विषयगत दक्षता की नियमित जाँच सुनिश्चित की जाए।
आज अनेक निजी विद्यालयों में ऐसे शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं, जिनके पास संबंधित विषय का पर्याप्त ज्ञान अथवा निर्धारित शैक्षणिक योग्यता नहीं है। यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
शिक्षा केवल विद्यालय खोल देने और फीस वसूलने का माध्यम नहीं हो सकती। बच्चों का भविष्य योग्य, प्रशिक्षित और विषय का गहरा ज्ञान रखने वाले शिक्षकों के हाथों में ही सुरक्षित हो सकता है।
अतः प्रशासन सभी निजी विद्यालयों का निरीक्षण करे और निर्धारित मानकों पर खरे न उतरने वाले शिक्षकों को पढ़ाने की अनुमति न दी जाए। साथ ही विद्यालय प्रबंधन की जवाबदेही भी तय हो।
याद रखिए, आज के बच्चे ही कल का भारत हैं। यदि उनकी नींव कमजोर होगी, तो देश का भविष्य मजबूत कैसे होगा?
मेरी स्पष्ट मान्यता है कि शिक्षा के क्षेत्र में लापरवाही नहीं, गुणवत्ता और जवाबदेही अनिवार्य होनी चाहिए।
डॉ उमेन्द्र कुमार गुप्ता बिल्सी

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