12:40 am Thursday , 5 November 2026
BREAKING NEWS

TET की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का हुंकार, बीएसए कार्यालय पर धरना देकर सरकार को दी दिल्ली तक आंदोलन की चेतावनी”

बदायूं

TET की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का हुंकार, बीएसए कार्यालय पर धरना देकर सरकार को दी दिल्ली तक आंदोलन की चेतावनी”

2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग, सैकड़ों शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च

केशव गुप्ता

बदायूं। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में बुधवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले जिले भर के शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों शिक्षक बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। बाद में शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए महासंघ के जिला सह-संयोजक प्रदीप गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता थोपना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने सरकार से संसद के आगामी मानसून सत्र में आवश्यक संशोधन कर पुराने शिक्षकों को इस बाध्यता से मुक्त करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को जनपद से लेकर संसद तक ले जाया जाएगा।
जिला संयोजक दुष्यंत रघुवंशी ने कहा कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने वाले शिक्षकों के अनुभव और सेवाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि TET लागू होने से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को इस नियम से पूर्णतः मुक्त रखा जाए।
प्रदर्शन में शामिल महिला शिक्षिकाओं ने भी सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए कहा कि नियुक्ति के समय TET की कोई अनिवार्यता नहीं थी, इसलिए वर्षों बाद इसे लागू करना शिक्षकों के साथ अन्याय है।
दोपहर 12 बजे शुरू हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। दोपहर करीब 2 बजे शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शिक्षकों की मुख्य मांग है कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से बाहर रखा जाए तथा उनके सेवा हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय न होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.