Nita Vasave अब भीड़ से नहीं, खुद से रिश्ता जोड़ना चाहतीं हूँ…. बिना गलती के बहुत कुछ सुना हैं, अब और नहीं सहना चाहती हूँ …. इस नये सफ़र में एकांत चुना हैं मैंने…. अब बस सुकून से जीना चाहती हूँ…