Gunjan Agrawal
“नियत” साफ़ हो तो रिश्ते निभाने के लिए
लफ़्ज़ों की नहीं.
एहसासों की ज़रूरत होती है.!
किसी कभी इंसान की असलियत
उसके चेहरे से नहीं बल्कि.
उसकी नियत से पहचानी जाती है.!
कभी-कभी मीठे शब्द सिर्फ छलावा मात्र होते हैं
जबकि नेकदिली खामोशी सबकुछ बयां कर देती है..!!
गुंजन शिशिर
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