Sugandha Sharma
मोह कहता है — “तुम मेरे हो”,
प्रेम कहता है — “मैं तुम्हारा हूँ।”
मोह अधिकार चाहता है,
प्रेम स्वीकार करता है।
बंधन शरीर को बाँध सकते हैं,
पर आत्माएँ केवल प्रेम से जुड़ती हैं।
इसीलिए तुम्हें बाँधने की चाह नहीं,
बस तुम्हारे साथ जुड़ जाने का सौभाग्य है।
#सुप्रभात_जिंदगी
#सुगंधा
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