neelam
रुप क्यू है दमका
रंग क्यू है चमका
सांस तेरी महकी है क्यू
मस्ती जो है बहकी
चुनरी तो है ढलकी
ये चाल तेरी बहकी है क्यू
क्यू आग से तू तपे
कुछ तो है तेरे मन मे
ऐसी मचलती है क्यू
है कैसा नशा छाया
किसने तुझे बहकाया
गिरती सम्हलती है क्यूं
हमको आजकल है इंतजार
कोई आये लेके प्यार 😍
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