Gunjan Agrawal प्रेम में पड़े व्यक्ति को खुद से ज्यादा, अपने प्रेमी की अनुभूति होने लगती है... और वह इस अनुभूति का दिन-रात बिगुल बजाता रहता है और ताउम्र प्रेम पाश में बंधा रहता है..!!! गुंजन शिशिर