Gunjan Agrawal वो बार बार दहलीज पर आकर मेरी, दस्तक देता रहा... लेकिन जब दरवाजा ही मैंने खोल दिया, एकाएक उसने रास्ता ही मोड़ लिया..!!! गुंजन शिशिर