।

उझानी बदांयू 28 जनवरी।
श्रम विभाग की सुस्ती के कारण नगर में साप्ताहिक बंदी का ठीक ढंग से पालन नहीं हो रहा है। दुकानों पर काम कर रहे कर्मचारियों का कहना है श्रम विभाग के अधिकारी आना तो दूर झांककर भी नहीं देखते इसलिए नगर का बाजार धड़ल्ले से खुलता है।
लगता है श्रम विभाग आंखों पर पट्टी बांधे हुए हैं। बाजार बंदी के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर में बुधवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। यह बंदी इसलिए होती है ताकि दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन का पूर्ण अवकाश मिलने एवं बाजारों की नालियों एवं सड़क की सफाई ठीक ढंग हो सके।
श्रम विभाग द्वारा हर जिले में अलग-अलग कस्बों में भी साप्ताहिक बंदी के दिन निर्धारित है, लेकिन विभाग की सुस्ती से शहर में कानूनों की धज्जियां उठाई जा रही है।
विभाग साप्ताहिक बंदी के लिए पहल नहीं करता है। इसके कारण दुकानदार भी साप्ताहिक बंदी के दिन दुकान खोल रहे हैं।
जबकि तत्कालीन जिलाधिकारी ने श्रम विभाग को साप्ताहिक बंदी का ठीक से पालन कराने के निर्देश दिए थे। स्थानीय प्रशासन तथा श्रम विभाग की शिथिलता के चलते बुधवार को शहर के अधिकांश बाजार खुले। साप्ताहिक बंदी बेअसर नजर आती है।


bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com

