5:27 pm Wednesday , 4 November 2026
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बिजली आउटसोर्स कर्मी तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर जनता त्राहिमाम, भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) ने समर्थन

अधीक्षण अभियंता कार्यालय विद्युत वितरण मंडल बदायूं के कार्यालय के समक्ष हटाए गए विद्युत संविदा कर्मचारियों ने पूर्व नोटिस के तहत तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन किया। यह कार्य बहिष्कार उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन एवं इसके सहयोगी निगमों द्वारा अपने स्वयं के आदेश का उलंघन कर लगभग 45 प्रतिशत बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों कि छंटनी करने,55 वर्ष का हवाला देकर कर्मचारियों को कार्य से हटाने, कार्य के अनुरूप अनुबंध न करने,वेतन भुगतान में भेदभाव करने,मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस न लेने,हटाए गए कर्मचारियों के बकाए वेतन का भुगतान न करने,ई पी एफ घोटाले कि जांच न कराने,घायल कर्मचारियों का कैशलैस इलाज न कराने आदि के कारण संघ द्वारा 15 मई 2025 को शक्ति भवन लखनऊ पर सत्याग्रह किया गया।
संघ के मध्यांचल उपाध्यक्ष प्रेमपाल प्रजापति ने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। जिसको ध्यान में रखकर संगठन के प्रांतीय आह्वान पर 20 मई 2025 के ए पाली से 72 घंटे का कार्य बहिष्कार करने कि घोषणा की गई। 20 मई 2025 की ए पाली से कार्य बहिष्कार चालू हैं।बदायूं जनपद में लगभग 300 विद्युत संविदा कर्मचारी हटाए गए हैं जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोष व्याप्त है।

अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के पदाधिकारीयों ने संविदा कर्मियों के न्याय पूर्ण संघर्ष के समर्थन में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। जिला अध्यक्ष परवेज आलम ने अपना समर्थन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और ऊर्जा प्रबंधन संविदा कर्मियों का शोषण उत्पीड़न कर रहा है। और संविदा कर्मियों की बड़े पैमाने पर छंटनी एक जनविरोधी कदम है। इससे पूरे प्रदेश में हजारों कर्मचारियों पर रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। आज आंधी वारिस की से पूरे जिले की बिजली बंद पड़ी है क्योंकि बिजली चलाने कार्य यह संविदा कर्मचारी ही करते हैं वहीं सरकार बिजली विभाग के निजीकरण और छंटनी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं जनहित सत्याग्रह मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव ने कहा कि छटनी के द्वारा कर्मचारियों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा। मजदूर किसान मिलकर इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष करेंगे। निजीकरण ना सिर्फ कर्मचारियों बल्कि किसानों सहित आम उपभोक्ताओं के लिए भी घातक है। इसलिए सभी को निजीकरण का विरोध करना चाहिए।
संघ के मध्यांचल संगठन मंत्री ने कहा कि हम संविदा कर्मियों का शोषण उत्पीड़न लंबे समय से किया जा रहा है। हम लोग इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष भी करते रहे हैं। लेकिन अब तो हमारी रोजी रोटी पर ही संकट खड़ा हो गया है। अपनी रोजी रोटी को बचाने की लड़ाई हम संविदा कर्मी पूरी जी जान से लड़ेंगे। इसीलिए हम लोग तपती दोपहरी में खुले आसमान के नीचे बैठे हैं और अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। जबकि मौसम विभाग द्वारा गर्मी में बाहर ना निकलने की चेतावनी दी जा रही है। इसके बाद भी हमारी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिलाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया बिजली आउटसोर्स कर्मचारी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हैं। अनुशासित तरीके से अपनी बात रख रहे हैं l
कार्य बहिष्कार एवं धरना प्रदर्शन के दौरान हर्षवर्धन, हरीश चंद्र यादव प्रेमपाल प्रजापति, राकेश कुमार सागर धीरेन्द्र कुमार सिंह,अभय सिंह,पवन पटेल,टीटू पटेल,अवध पटेल मुसब्बिर अली सिद्दीकी, जापान सिंह,डॉ सतीश,चरन सिंह यादव, प्रेमपाल सिंह, आदि सैकड़ो की संख्या में विद्युत संविदा कर्मचारी मौजूद रहेl

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